प्री-मानसून की बारिश से मुस्कुराया बीसलपुर बांध, 13 सेंटीमीटर पानी आया, उम्मीदें हुईं जवां

 


बीसलपुर बांध पेयजल की दृष्टि से जयपुर और अजमेर समेत टोंक की लाइफलाइन माना जाता है.बीसलपुर बांध पेयजल की दृष्टि से जयपुर और अजमेर समेत टोंक की लाइफलाइन माना जाता है.

प्री-मानसून की बारिश से बीसलपुर बांध में आया 13 सेंटीमीटर पानी: प्री-मानसून की बारिश   ने इस बार बड़ी खुशखबरी दी है. जयपुर, अजमेर और टोंक की लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध में इस बार प्री-मानसून की बारिश से ही 13 सेंमी पानी की आवक हो गई. यह बांध के लिये शुभ संकेत माना जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार मानसून में बांध में पानी की अच्छी आवक होगी.

जयपुर. राजस्थान में प्री-मानसून की जोरदार बारिश  ने जिस तरह से भीषण गर्मी के दौर को खत्म किया उसी तरह से प्रदेश में पेयजल की सप्लाई के लिए सबसे अहम माने जाने वाले बीसलपुर बांध  को भी सुकून पहुंचाया है. बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में हुई प्री-मानसून की अच्छी बारिश से इसमें पानी की आवक हुई है. प्री-मानसून की बारिश से बांध में करीब 13 सेंटीमीटर की आवक दर्ज की गई है. अभी और बारिश होती है तो बीसलपुर में पानी की आवक जारी रहेगी.

सीजन की पहली बारिश में ही बीसलपुर बांध में पानी की आवक होना शुभ संकेत माना जा रहा है. इस समय बीसलपुर बांध काफी संकट के दौर से गुजर रहा है. बांध में अगले एक महीने सप्लाई करने जितना पानी बचा है. ऐसे में बीसलपुर में पहली बारिश से पानी की आवक होने से जलदाय विभाग उत्साहित है. अगर मानसून भी प्री-मानसून की तरह बारिश कर गया तो बांध में अगले साल तक सप्लाई करने जितना पानी आ जाएगा.

बांध का जलस्तर बढ़कर 309.21 आरएल मीटर हो गया

बीसलपुर में शनिवार तक बांध का गेज 309.14 आरएल मीटर तक था. वह पानी आने के बाद बढ़कर 309.21 हो गया. रविवार को चांदसेन में 8, गलवा में 4, रामसागर लांबा में 24, नासिरदा में 6, पनवाड़ में 22, पीपलू में 1 और टोरडी सागर में 12 मिमी बारिश दर्ज हुई. जबकि इससे पूर्व कई जगह अच्छी बारिश दर्ज की गई थी. टोंक जिले में औसतन बारिश 610.78 के मुकाबले अब तक साढ़े पांच प्रतिशत वर्षा दर्ज की जा चुकी है. बांध को भरने के लिए अभी जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश की जरुरत है.

जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की लाइफलाइन है बीसलपुर बांध

जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध में पानी भराव के लिए त्रिवेणी में पानी की आवक होना जरुरी है. त्रिवेणी के बाद ही बीसलपुर बांध में पानी आने की उम्मीद बढ़ेगी. चितौडगढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा में अच्छी बारिश होने से त्रिवेणी का गेज बढ़ेगा.

राजस्थान में 716 बांधों में से अभी 505 खाली हैं

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य के बांधों में अभी प्री-मानसून की बारिश में 35 एमक्यूएम पानी की आवक हुई है. राज्य के 716 बांधों में से अभी 505 बांध खाली हैं. 205 बांध आंशिक रूप से भरे हुए हैं. ऐसे बीसलपुर में शुरुआत में ही 13 सेंटीमीटर पानी आने से इस बार बांध के लबालब होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं.

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